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नए पंबन रेलवे पुल के भारत के पहले ऊर्ध्वाधर लिफ्ट प्रकार के नौपरिवहन स्पैन का उपकरणीकरण, भार परीक्षण एवं स्वास्थ्य निगरानी

रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को पुराने पंबन रेलवे पुल के समानांतर मंडपम से पंबन होते हुए रामेश्वरम तक पहुँचने के लिए नए पंबन रेलवे पुल के निर्माण का दायित्व सौंपा गया है। इस पुल में 18 मीटर के 99 स्टील प्लेट गर्डर स्पैन तथा 65 मीटर का एक नौपरिवहन लिफ्ट स्पैन शामिल है। यह नौपरिवहन स्पैन ऊर्ध्वाधर लिफ्ट प्रकार का है और भारत में अपनी तरह का पहला है। आरवीएनएल ने स्टील प्लेट गर्डर प्रकार के चार एप्रोच स्पैन तथा ऊर्ध्वाधर लिफ्ट स्पैन का भार परीक्षण करने के लिए सीएसआईआर-एसईआरसी से संपर्क किया। परियोजना के प्रथम चरण के दौरान, चूँकि नौपरिवहन स्पैन का निर्माण एवं स्थापना अभी शेष थी, इसलिए 16 से 23 अगस्त 2024 के दौरान स्टील प्लेट गर्डर प्रकार के तीन एप्रोच स्पैन का भार परीक्षण किया गया। परियोजना के दूसरे चरण के अंतर्गत पंबन की ओर स्थित चौथे एप्रोच स्पैन तथा ऊर्ध्वाधर लिफ्ट प्रकार के नौपरिवहन स्पैन का परीक्षण किया गया। पुल के ऊर्ध्वाधर विस्थापन के मापन के लिए एप्रोच स्पैन पर छह स्थानों तथा नौपरिवहन स्पैन पर 25 स्थानों पर एलवीडीटी का उपयोग करके उपकरणीकरण किया गया। ऊर्ध्वाधर लिफ्ट स्पैन के ट्रस के भारित भाग के सभी सदस्यों तथा एप्रोच स्पैन पर पुल की लंबाई के साथ निर्धारित स्थानों पर स्ट्रेन गेज लगाए गए, ताकि पुल के स्पैन में अक्षीय, बंकन एवं अपरूपण प्रतिबलों का आकलन किया जा सके। भार परीक्षण के लिए दो युग्मित लोकोमोटिव और ग्यारह पूर्णतः भारित वैगनों से बनी परीक्षण ट्रेन का उपयोग किया गया। विभिन्न भार स्थितियों के अंतर्गत स्थैतिक परीक्षण किए गए, जिसमें लोकोमोटिव और वैगनों को एप्रोच स्पैन तथा ऊर्ध्वाधर लिफ्ट स्पैन पर पूर्वनिर्धारित स्थानों पर स्थापित किया गया। गतिशील परीक्षण विभिन्न समान गति स्थितियों में किए गए, जिसमें परीक्षण ट्रेन को 5 किमी/घंटा से 60 किमी/घंटा तक की गति से चलाया गया। प्रतिक्रियाओं का मापन बहु-चैनल उच्च-संवेदनशीलता डेटा अधिग्रहण प्रणाली का उपयोग करके किया गया। प्राप्त परिणामों का प्रसंस्करण पुल के स्पैन की अभिकल्पना में निर्धारित सीमा अवस्थाओं की जाँच के लिए किया जा रहा है। यह पुल मंडपम और रामेश्वरम के बीच समुद्री मार्ग को पार करता है और अत्यधिक प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों के संपर्क में रहता है। इसलिए, इसे भारतीय रेल के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण पुल माना गया है। पुल के चालू होने के तुरंत बाद, ऊर्ध्वाधर लिफ्ट स्पैन के लिए एक पूर्ण विकसित वास्तविक समय संरचनात्मक स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली, सीएसआईआर-एसईआरसी द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।