सीएसआईआर के बारे में

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास के अत्याधुनिक सुविज्ञता के लिए सीएसआईआर मशहूर है,  जो एक समकालीन अ & वि संस्थान है। पूरे भारत में, सीएसआईआर के 38 राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं हैं,  39 आउटरीच केंद्र हैं, 3 इन्नोवेशन काम्प्लेक्स और 5 एकक हैं। सीएसआईआर का अनुसंधान & विकास विशेषज्ञ में लगभग 4600 सक्रिय वैज्ञानिक और उनकी सहायता के लिए 8000 वैज्ञानिक एवं तकनीकी कार्मिक हैं।.

सीएसआईआर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के वैड स्पेक्ट्रम में रेडियो एवं अंतरिक्ष भौतिकी, समुद्र प्रौद्योगिकी, भूभौतिकी, रसायन, औषध, जिनोमिक्स, जीव प्रौद्योगिकी और नैनोप्रौद्योगिकी से खनिज, एरोनाटिक्स, उपकरणीकरण, पर्यावरण अभियांत्रिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी आदि हैं। सामाजिक कल्याण से संबंधित अनेक क्षेत्रों, जिसमें पर्यावरण, स्वास्थ्य पेयजल, आहार, आवास, ऊर्जा, कृषी एवं अ-खेती सेक्टर आदि सम्मिलित हैं, के बारे में सीएसआईआर महत्वपर्ण प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप का भी संभरण करती है। इसके अलावा, विज्ञान & प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मानव संसाधन के विकास में भी सीएसआईआर की भूमिका उल्लेखनीय है।.

भारतीय बौध्दिक संपदा अभियान का आद्य सीएसआईआर है जो चुने हुए प्रौद्योगिकी डोमैन में देश को वैश्विक स्थान देने के लिए सीएसआईआर अपना एकस्व पोर्ट्रफोलियों का मजबूत कर रही है। यूएस एकस्वों के 90% भारत के जन वित्त पोषित अनुसंधान & विकास संस्थान सीएसआईआर को मंजूर किया गया है। प्रतिवर्ष औसतन रूप से सीएसआईआर 200 भारतीय एकस्व और 250 विदेशी एकस्वों को प्रस्तुत करती है। सीएसआईआर के लगभग 13.86% एकस्व लाइसेन्सड हैं जो वैश्विक औसतन से ज्यादा है। विश्व में जन वित्त पोषित अनुसंधान संस्थानों में सीएसआईआर प्रप्रथम है और विश्वभर में एकस्वों के नत्थीकरण और प्राप्य में अग्रणी है।

सीएसआईआर अत्यंत आधुनिक विज्ञान को आगे बढाया है और प्रगत ज्ञान क्षेत्रों का भंडार है। सीएसआईआर के वैज्ञानिक कार्मिक भारत के वैज्ञानिक मानव संसाधन में 3-4% हैं लेकिन भारत के वैज्ञानिक आउटपुट में इनकी भागीदारी 10% है। वर्ष 2012 में सीएसआईआर, एस सी आई जर्नलों में 5007 पेपरों को प्रकाशित किया है जो प्रति पेपर का औसतन इम्पेक्ट फेक्टर 2.673 है। वर्ष 2013 में सीएसआईआर 5086 पेपरों को एस सी आई जर्नलों में प्रकाशित किया जो प्रति पेपर का औसतन इम्पेक्ट फेक्टर 2.868 है।

स्वाभाविक उद्यमिता को बढावा देने केलिए सीएसआईआर में यंत्रीकृत वांछित मेकानिजम है, जो नवाचार को सृजन करने एवं वाणिज्यिक तौर पर अग्रणी बनकर बृहत जनता तक पहूँच सके, नए आर्थिक क्षेत्रों के विकास पर जोर दे सके।.

सीएसआईआर ने सीएसआईआर@80% दूरदृष्टि & सिध्दांत 2022 - नई भारत के लिए नया सीएसआईआर का आरंभ किया। सीएसआईआर का लक्ष्य  “नए भारत के लिए नए सीएसआईआर का निर्माण करना” और सीएसआईआर की दूरदृष्टि है “ऐसे विज्ञान का खोज करना जो वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाले, ऐसी प्रौद्योगिकी तैयार करना जो नवोन्मेष आधारित उद्योग को सक्षम बनाए और पराविषयी नेतृत्व को पोषित करे जिसके द्वारा भारत की जनता के सम्मिलित आर्थिक विकास को उत्प्रेरित किया जा सके”।

Scimago संस्थानों की विश्व रिपोर्ट 2014 के अनुसार विश्व भर के 4851 संस्थानों में से सीएसआईआर का स्थान 84 है और विश्व भर के प्रथम 100  संस्थानों में एकमात्र भारतीय संस्थान है। एशिया में सीएसआईआर का स्थान 17 है और भारत में प्रप्रथम स्थान में है।

वेबसाइट - सीएसआईआर, भारत