संरचनात्मक स्वास्थ्य वीक्षण & जीवनकाल वृध्दि - अनुसंधान क्षेत्र

संरचनात्मक स्वास्थ्य वीक्षण & जीवनकाल वृध्दि सीएसआईआर-एसईआरसी केलिए एक मुख्य जोरदार क्षेत्र है और तीन दशकों से ज्यादा इस क्षेत्र में अनुसंधान - विकास विशेषज्ञता का विकास किया है। अनेक सरकारी एवं निजी संस्थानों ने विभिन्न प्रकार की संरचनाओं जैसे पुल और नाभिकीय नियंत्रण संरचनाओं के जीवनकाल वृध्दि, स्वास्थ्य वीक्षण, स्थिति मूल्यांकन आदि केलिए सीएसआईआर-एसईआरसी की सहायता लिया। अतिआधुनिक तकनीक जैसे कंपन वाइर तनाव गाजस, रेशा ब्रेग ग्रेटिंग संवेदक, क्रोड ट्रिपानिंग तकनीक, फ्लाट जॉक तकनीक और कंपन मापन तकनीक और जीवनकाल वृध्दि पध्दतियों का उपयोग - जैसे बाह्य पूर्वदाबन, बाह्य आवरण-करते हुए सीएसआईआर-एसईआरसी अनुसंधान & विकास कार्य कर रही है।

कंक्रीट संरचनाओं की स्थिति मूल्यांकन केलिए प्रगत अ-विनाशक परीक्षण तकनीक जैसे भू भेद्य राडार, पराश्रव्य स्पंद प्रतिध्वनि और प्रघात प्रतिध्वनि के बारे में विशेषज्ञता का विकास किया है। लेकिन फिर भी, स्वास्थ्य मूल्यांकन केलिए संरचनाओं के वास्तविक काल वीक्षण, प्रगत एवं विश्वसनीय क्रिया पध्दतियों का विकास आदि के बारे में गहरा अनुसंधान कार्य करने केलिए व्यापक क्षेत्र उपलब्ध हैं। यही नहीं, संरचनाओं को और अधिक वृध्दिमान और होशियार बनाने केलिए नए संवेदक और संबंधित वीक्षण तकनीकों के विकास केलिए अधिक गुंजाइश है। इसके अलावा, यह भी एक ऐसा क्षेत्र है जो अनुसंधान कार्य करने की सख्त आवश्यकता। वह है – आन-लाइन वीक्षण डाटा का उपयोग करते हुए सेवारत संरचनाओं की जॉंच एवं मरम्मत/अनुरक्षण से संबंधित निर्णय लेना। इसके लिए भी अन्योन्यक्रिया उपागमनों की आवश्यकता है जैसे - संवेदन, संचारण, अंकीय सिग्नल प्रक्रमण, अंकीय प्रतिबिंब प्रक्रमण, डाटा प्रबंधन, प्रणाली संसूचना, सूचना प्रौद्योगिकी, साफ्ट अभिकलन, क्वांटम मैकानिक्स जैसा भौतिकशास्त्र आधारित पध्दतियॉं।

वाहन यातायात संचालन आकलन में अंकीय प्रतिबिंब प्रक्रमण की वृध्दित तकनीकी विकास, विद्यमान परिवहन संरचनाओं की सुरक्षा मूल्यांकन केलिए सहायता कर सकती है। ग्रामीण अधिसंरचना पर पर्यावरण में परिवर्तन के प्रभाव को पहचानने में भी संरचनात्मक स्वास्थ्य वीक्षण योजनाएं सहायता दे सकती हैं। इस क्षेत्र में अंतर अनुसंधान द्वारा प्रौद्योगिकियों एवं उत्पादनों के विकास के जरिए पर्याप्त अनुसंधान कार्य क्षेत्र उपलब्ध है। सीएसआईआर-एसईआरसी के वैज्ञानिकों ने क्षेत्रीय जॉंचकार्य करने में और सुदूर स्वास्थ्य वीक्षण योजनाओं के विकास में विस्तृत अनुभव प्राप्त किया और अतः सीएसआईआर-एसईआरसी इस क्षेत्र में आधिकारिक अनुभव का दावा कर सकती है। भारत सरकार के नए प्रस्ताव जैसे स्मार्ट सिटी, अतल मिशन फार रीजुनुवेशन एंड शहरी विकास रूपांतरण हमारे देश में शहरीकरण से संबंधित अधि संरचना में प्रत्याशित बृहत वृध्दि के कारण इस क्षेत्र में अनुसंधान पर इतना ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।